इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतमबुद्धनगर में यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी द्वारा किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा देने के एवज में प्लॉट आवंटियों से अतिरिक्त रुपये की वसूली एवं भूमि अधिग्रहण की वैधता के खिलाफ याचिकाओं पर राज्य सरकार व प्राधिकरण से पत्रावली तलब की है। दोनों मामलों की अलग-अलग तिथि पर सुनवाई होगी। प्लॉट मालिकों से वसूली के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई 10 मई को और भूमि अधिग्रहण की वैधता की चुनौती वाली याचिकाओं की सुनवाई 15 मई को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज मित्तल तथा न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खंडपीठ ने रेजिडेंट प्लॉट ओनर सोशल वेलफेयर एसोसिएशन सहित दर्जनों याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता प्रेम कुमार चौरसिया व कई अन्य तथा अपर महाधिवक्ता अजीत कुमार सिंह ने पक्ष रखा। याची अधिवक्ता ने बताया कि 13 गांवों की जमीन धारा-17 में अर्जेंसी क्लॉज में अधिगृहीत की गई, लेकिन कार्य नहीं किया गया। दूसरे मामलों में कोर्ट के आदेश पर किसानों को गजराज सिंह केस के फैसले के तहत बढ़ा हुआ मुआवजा देना पड़ा। इस अतिरिक्त राशि की वसूली प्राधिकरण आवंटियों से कर रहा है, जिसे चुनौती दी गई है।