मामले में याची ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, लेकिन, पासपोर्ट अथॉरिटी ने इस आधार पर पर उसके आवेदन को निरस्त कर दिया कि उसके खिलाफ राज्य ने अपील दायर की है। याची के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 ए, 506, 376 और पॉस्को एक्ट की धारा 3/4 में बलिया जिले के पकड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने आरोप सिद्ध न होने पर दोषी को बरी कर दिया।
ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ उत्तर प्रदेश राज्य ने अपील फाइल की है। ट्रायल कोर्ट से बरी होने के बाद याची ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। उसके आवेदन को पासपोर्ट अथॉरिटी ने यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि उसके खिलाफ राज्य की ओर से दाखिल अपील लंबित है। लेकिन, हाईकोर्ट ने कहा कि अपील लंबित होने से उसके आदेवन को निरस्त नहीं किया जा सकता है।
याची पासपोर्ट पाने का हकदार है। क्योंकि, वह पासपोर्ट एक्ट-1967 की धारा छह में दी गई किसी शर्त में नहीं आ रहा है। हाईकोर्ट ने पासपोर्ट अथॉरिटी को निर्देश दिया कि वह याची के आवेदन पर विचार करते हुए तीन महीने में पासपोर्ट प्रदान करे।