याची के खिलाफ धूमनगंज थाने में आठ दिसंबर 2021 को आईपीसी की धारा 323, 377, 354 और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। याची की ओर से तर्क दिया गया कि उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न केआरोपी की एफआईआर रद्द कराने की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि मामला संज्ञेय है, इस कारण प्रथम सूचना रिपोर्ट को रद्द नहीं किया जा सकता है। यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने खेम सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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याची के खिलाफ धूमनगंज थाने में आठ दिसंबर 2021 को आईपीसी की धारा 323, 377, 354 और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। याची की ओर से तर्क दिया गया कि उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। लेकिन कोर्ट ने याची के तर्कों को स्वीकार नहीं किया और याचिका को खारिज कर दिया।