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हाईकोर्ट : तीन साइबर ठगों की जमानत अर्जी खारिज, कोर्ट ने बताया गंभीर अपराध

Mon, 09 May 2022 11:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

तीनों ने मिलकर शिकायत कर्ता घनश्याम के बैंक खाते से 17 लाख रुपए कई दौर में निकाल लिया। कोर्ट ने अपराध को गंभीरता से लिया है। इनकी निशानदेही पर दर्जनों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई की गिरफ्तारी के लिए छापे डालने के लिए उस राज्य की पुलिस की सहायता मांगी गई है।
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल और झारखंड के साइबर अपराध के आरोपियों चंद्रभान यादव, मोहन कुमार मंडल और तौसीफ जमां को जमानत देने से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया है। उनकी जमानत की अर्जी खारिज कर दी है। याची ने साइबर ठगी करने के अपराध को स्वीकार भी किया है।

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तीनों ने मिलकर शिकायत कर्ता घनश्याम के बैंक खाते से 17 लाख रुपए कई दौर में निकाल लिया। कोर्ट ने अपराध को गंभीरता से लिया है। इनकी निशानदेही पर दर्जनों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई की गिरफ्तारी के लिए छापे डालने के लिए उस राज्य की पुलिस की सहायता मांगी गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने चंद्रभान सिंह यादव व दो अन्य की जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है।

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ओटीपी बताते ही कट गया था पैसा

शिकायतकर्ता केंद्रीय आयुध भंडार छिवकी नैनी का सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उसने 19 अक्टूबर 20 को FIR दर्ज कराई और आरोप लगाया कि एयरटेल रिचार्ज करने के लिए यूनो एप का इस्तेमाल किया। पैसे कट गये पर फोन रिचार्ज नहीं हुआ। बैंक प्रबंधक से शिकायत की तो उसने एयरटेल कंपनी से संपर्क करने की सलाह दी।


इसके बाद पैसा खाते में जमा हो गया। फोनकर पूछा गया खाते में पैसे आये तो ओटीपी दें। इसके बाद कई बार पैसे कटते रहे। बैंक ने कहा नेट बैंकिंग व यूनो लाक कराए। तब तक साइबर गिरोह बैंक खाते से लगभग 17 लाख निकाल लिया था। अपराधियों ने स्वीकार किया कि कई राज्यों तक गिरोह फैला है। खाते से पैसे निकाल फर्जी खातों में जमा कर ठगी करता है।
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