कोर्ट ने कहा है कि सुशील चन्द्र श्रीवास्तव केस में दिए गए निर्देशों के तहत यदि कोई विवाह गृह ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण कानून का पालन नहीं करता तो पहली गलती पर एक लाख, दूसरी गलती पर पांच लाख और तीसरी गलती पर 10 लाख रुपये जुर्माना वसूला जाए। तीन गलती के बाद जिलाधिकारी उस विवाह गृह का लाइसेंस निरस्त कर दे।
1500 वर्गगज में हो विवाह घर
कोर्ट ने कहा है कि कानून के खिलाफ प्रयागराज शहर में तमाम विवाह गृह चल रहे हैं। जो शहर वासियों के लिए परेशानियों का सबब बने हुए हैं। कोर्ट ने कहा पीडीए ने भी माना कि विवाह गृह शहर की यातायात व्यवस्था के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। प्राधिकरण ने दो बाइलॉज पेश किया। कोर्ट ने कहा है कि मैरेज हॉल 1500 वर्ग गज में होने चाहिए। 18 मीटर चौड़ी सड़क पर 18 मीटर का फ्रंटेज होना चाहिए। 30 फीसदी कवर एरिया और 40 फीसदी ओपन एरिया होना चाहिए। साथ ही वाहन पार्किंग की व्यवस्था हो। कोर्ट ने शहर के मास्टर प्लान और जोनल प्लान पर भी विचार किया और कहा कि केवल सिविल लाइंस में ही जोनल प्लान तैयार हुआ है। 19 साल में पूरे शहर का जोनल प्लान तैयार नहीं किया जा सका। याचिका की सुनवाई छह नवंबर को होगी।