इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला न्यायालय कन्नौज में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल के पदों पर की जा रहीं नई नियुक्तियों के संबंध में जारी विज्ञापन पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने कन्नौज निवासी स्वेतांक अरुण की याचिका पर दिया है।
याची अधिवक्ता ने दलील दी कि लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम-2022 के तहत नियुक्ति दो साल की प्रारंभिक अवधि के लिए होती है, जिसे संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर वार्षिक रूप से बढ़ाया जा सकता है। कार्यकाल बढ़ाने से पहले संबंधित प्राधिकारी की ओर से कार्य का मूल्यांकन किया जाना अनिवार्य है।
वर्तमान मामले में 22 जनवरी 2026 को कार्य रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन बिना किसी मूल्यांकन के अगले ही दिन 23 जनवरी को नए पदों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद निर्देश दिया कि विवादित विज्ञापन के क्रम में फिलहाल कोई नया अनुबंध निष्पादित न किया जाए। हालांकि, अदालत ने अधिकारियों को यह छूट दी है कि वे याची के कार्य का उचित मूल्यांकन कर सकते हैं और प्रदर्शन संतोषजनक पाए जाने पर उनके कार्यकाल के विस्तार पर विचार कर सकते हैं। ब्यूरो