इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी में राजनीति शास्त्र के अध्यापकों की 2013 की भर्ती में अनियमितता के आरोप को लेकर दाखिल याचिका पर भारत सरकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग व बीएचयू वाराणसी से चार हफ्ते में जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति एम के गुप्ता तथा न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने डॉ. प्रवीण कुमार सिंह की याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि भर्ती शुरू होने के बाद आयोग ने नियमों में बदलाव किया।चयन मानक में परिवर्तन किया गया। पहले के पुराने नियम व बाद के नियमों में भारी अंतर आ गया। याची का कहना है कि पुराने नियम से उसका भी चयन हो सकता था।याची अधिवक्ता ने कहा खेल के नियम बीच में नहीं बदले जा सकते।चयन प्रक्त्रिस्या नियम विरुद्ध जारी है।जिसे चुनौती दी गई है।
हाईकोर्ट अधिवक्ताओं ने कोरोना से मृत अधिवक्ताओं को दी श्रद्धांजलि
इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने कोरोना से मृत 107 अधिवक्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की। हाईकोर्ट परिसर से बाहर हनुमान मंदिर के निकट आयोजित समारोह में आयकर आयुक्त प्रयागराज ने नेशनल एडवोकेट डिफेंस एसोसिएशन के बैनर तले कोरोना वारियर्स को कोरोना योद्धा सम्मान पत्र भेंट किया।
कार्यक्रम के संयोजक अधिवक्ता संजय मिश्र ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन रहे वरिष्ठ अधिवक्ता वी सी मिश्र भी कोरोना की भेंट चढ़ गये। अधिवक्ता समाज के लिए इनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम में वीके त्रिपाठी, रमेश नारायण पांडेय, रामानंद, ओपी दूबे, पीएस पांडेय, केआर पांडेय, मृत्युंजय तिवारी, अंबुज पांडेय, मिथुन मिश्र, विवेक तिवारी आदि प्रमुख थे।