अमर उजाला में छपी खबर का लिया संज्ञान
रिपोर्ट में एसआरएन अस्पताल में आवारा कुत्तों के टहलने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अस्पताल के अधिकारियों ने नगर निगम को इस समस्या का उपाय करने का अनुरोध भेजा है, लेकिन उसने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। निरीक्षण दल को ओपीडी ब्लॉक को अन्य ब्लॉकों से जोड़ने वाले गलियारे में आवारा कुत्ते भी मिले। उन्होंने अस्पताल ब्लॉक के बाहर कई आवारा कुत्तों को भी देखा।
कोर्ट ने रिपोर्ट पर चिंता जताते हुए कहा अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए अस्पताल प्रशासन ने कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया है। यह शहर का प्रमुख अस्पताल है। इसे आवारा कुत्तों से मुक्त किया जाना चाहिए। क्योंकि कुत्ते विभिन्न प्रकार के संक्रमण के स्रोत हैं।
इसी दौरान कोर्ट ने कहा कि हमें यह भी सूचित किया गया है कि ड्यूटी डॉक्टरों के कमरे में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। उनके पास आराम करने के लिए उचित जगह नहीं है। उक्त स्थिति को अमर उजाला अखबार में भी उजागर किया गया है और उसकी प्रति रिकार्ड में ली गई है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) से हलफनामा दाखिल कर आवारा कुत्तों के खतरे को रोकने के संबंध में उपायों के बारे में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।