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Allahabad High Court: हाईकोर्ट ने कहा- माफिया मुख्तार अंसारी कानून व्यवस्था के लिए कलंक और चुनौती, जानें पूरा मामला

Mon, 13 Jun 2022 10:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कोर्ट ने कहा कि यह वास्तव में आश्चर्यजनक है कि 1986 से अपराध की दुनिया से जुड़ा एक व्यक्ति जिस पर विभिन्न प्रकार के 50़ से अधिक आपराधिक मामले हैं, लेकिन उसने अपने बचाव के लिए ऐसा प्रबंध कर रखा है कि उसके खिलाफ एक भी दोष सिद्ध नहीं हुआ।
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Prayagraj News : मुख्तार अंसारी। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बाहुबली मुख्तार अंसारी को विधायक निधि गबन के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने मुख्तार अंसारी की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए उसे कानून व्यवस्था के लिए कलंक और चुनौती करार दिया है। कोर्ट ने सरकार से कहा है कि  सरकार विधानसभा अध्यक्ष व तीन नौकरशाहों की कमेटी से विधायक निधि के दुरुपयोग का ऑडिट कराए। यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की पीठ ने मुख्तार अंसारी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

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ताज्जुब : 50 से अधिक मामले, एक में भी दोष सिद्ध नहीं
कोर्ट ने कहा कि याची की पहचान बताने की जरूरत नहीं है। उसे भारत के हिंदी भाषी राज्यों में कथित तौर पर रॉबिन हुड की छवि के तौर जाना जाता है। वह कठोर और आदतन अपराधी है, जो 1986 से अपराध के क्षेत्र में है। यह वास्तव में आश्चर्यजनक है कि 1986 से अपराध की दुनिया से जुड़े एक व्यक्ति जिस पर विभिन्न प्रकार के 50़ से अधिक आपराधिक मामले हैं, लेकिन उसने अपने बचाव के लिए ऐसा प्रबंध कर रखा है कि उसके खिलाफ एक भी दोष सिद्ध नहीं हुआ।


कोर्ट ने इसे न्याय प्रणाली के लिए कलंक और चुनौती बताया। कहा कि अपराध के क्षेत्र में ऐसा खूंखार और सफेद रंग का अपराधी अपराजित है। कहा कि जेल में बंद रहते विधायक चुना गया। विधायक निधि से 25 लाख रुपये स्कूल के लिए दिए, जिसका इस्तेमाल ही नहीं हुआ औऱ उसे भी हजम कर गया। कोर्ट ने इसे कर दाताओं के पैसे का दुरुपयोग करने वाला बताया। कहा कि ऐसे में याची जमानत पर रिहा होने का हकदार नहीं है।

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आपराधिक इतिहास रखने वाले को जमानत देना उचित नहीं
कोर्ट ने कहा कि अन्य आरोपी को मिली जमानत की पैरिटी याची के आपराधिक इतिहास को देखते हुए नहीं दी जा सकती। अर्जी पर अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने बहस की थी। कोर्ट ने 20 मई को फैसला सुरक्षित कर लिया था। मामले में मऊ जिले के सराय लखंसी थाने में मुख्तार अंसारी व चार अन्य के खिलाफ  दर्ज एफआईआर में विधायक निधि के दुरुपयोग का आरोप है। स्कूल का निर्माण कार्य नहीं किया गया और पैसे का बंदरबांट कर लिया गया। याची का कहना था कि विधायक निधि का आवंटन करने वाले अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि फंड उन्हीं द्वारा जारी किया जाता है। विधायक होने के नाते उसे फंसाया गया है। सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी और रत्नेन्दु सिंह ने पक्ष रखा।
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