परिणाम को हाईकोर्ट में दी गई थी चुनौती
इस पर आयोग की ओर से जानकारी दी गई कि वह चयन योग्य नहीं है। याची ने आयोग के परिणाम को चुनौती दी। याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया है कि याची का चयन न करना सही नहीं है। आयोग ने गलती की है। उसका यह निर्णय गलत धारणा पर है। याची फार्मास्युटिकल रसायन से परास्नातक है। जबकि, आयोग के अधिवक्ता बीके सिंह रघुवंशी ने इसका विरोध किया।
कहा कि चयन के लिए शैक्षिक योग्यता एक आवश्यक प्रावधान है। अभ्यर्थी के पास रसायन विज्ञान प्रवक्ता पद के लिए इस विषय में प्रासंगिक डिग्री होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि याची का स्ट्रीम मुख्य विषय से संबंधित है या नहीं, यह आयोग द्वारा ही निर्धारित किया जाना है। हालांकि, याची के वकीलों का कहना है कि याची फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री में परास्नातक है, जो रसायन विज्ञान विषय का हिस्सा है।