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हाईकोर्ट का आदेश : युवती को दो दिन के अंदर न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करें

Wed, 14 Aug 2024 06:36 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

याची के वकील ने दलील दी कि युवती ने याची युवक से विवाह कर लिया है। उसने अपने बयान में कहा है कि उसने स्वेच्छा से घर छोड़ा है और वह याची युवक के साथ रहना चाहती। वहीं,राज्य के वकील ने दलील दी कि युवती की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोखराज थाने के एसएचओ को निर्देश दिया कि वह युवती को दो दिन में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कौशाम्बी के समक्ष पेश करें। इस दौरान उसका बयान दर्ज किया जाए। यदि वह याची युवक के साथ जाना चाहती है तो उसे तुरंत रिहा कर दिया जाए। न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान व न्यायमूर्ति मोहम्मद अजहर हुसैन इदरीसी की खंडपीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर यह आदेश दिया।

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याची के वकील ने दलील दी कि युवती ने याची युवक से विवाह कर लिया है। उसने अपने बयान में कहा है कि उसने स्वेच्छा से घर छोड़ा है और वह याची युवक के साथ रहना चाहती। वहीं,राज्य के वकील ने दलील दी कि युवती की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच है। इसलिए उसे बाल कल्याण समिति के आदेश से बालगृह खुल्दाबाद, प्रयागराज में रखने का निर्देश दिया गया है।

कोर्ट ने आदेश दिया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट कौशाम्बी युवती का बयान दर्ज करेंगे। यदि महिला याची युवक के साथ जाना चाहती तो उसे तुरंत रिहा कर दिया जाएगा। वहीं, कोर्ट ने बाल कल्याण समिति कौशाम्बी के अध्यक्ष को शपथपत्र के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

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