वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष तिवारी दलील दी कि विशेष जज उस दिन छुट्टी पर थे। इसके बाद भी उनके हस्ताक्षर से समन जारी किया गया है। पूरे आदेश की और समन शब्द की हैंडराइटिंग अलग-अलग है। इसकी जांच जरूरी है। ऐसा आदेश बने रहने योग्य नहीं है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर नगर के गैंगस्टर एक्ट के विशेष जज के छुट्टी पर होने के बावजूद उनके हस्ताक्षर से लिखित समन आदेश जारी करने के मामले में जांच का आदेश दिया है। साथ ही जिला जज से कहा है कि जरूरी हो तो विशेष जज से सफाई लेकर अपनी रिपोर्ट प्रशासनिक न्यायमूर्ति को भेजें। कोर्ट ने गजेंद्र सिंह नेगी व दलवीर सिंह नेगी के खिलाफ जारी समन आदेश रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने याचिका को मंजूर करते हुए यह आदेश दिया है।
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वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष तिवारी दलील दी कि विशेष जज उस दिन छुट्टी पर थे। इसके बाद भी उनके हस्ताक्षर से समन जारी किया गया है। पूरे आदेश की और समन शब्द की हैंडराइटिंग अलग-अलग है। इसकी जांच जरूरी है। ऐसा आदेश बने रहने योग्य नहीं है। कोर्ट ने कहा कि आदेश देखने से साफ लग रहा आदेश जज का नहीं है। इसकी जांच कर रिपोर्ट दी जाए।