याची का कहना है कि वह तदर्थ डाक्टर था। 31 अगस्त 20 को पीलीभीत से सेवानिवृत्त हुआ। हाईकोर्ट ने 18 फरवरी 21 को सेवा नियमितीकरण से इंकार के 10 अक्टूबर 12 के विभागीय आदेश को रद्द करते हुए सेवा नियमितीकरण पर विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हकीम परवाज उलूम की सेवा के नियमितीकरण मामले में राज्य सरकार से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी ने डॉ.परवाज उलूम की याचिका पर दिया है।
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याची का कहना है कि वह तदर्थ डाक्टर था। 31 अगस्त 20 को पीलीभीत से सेवानिवृत्त हुआ। हाईकोर्ट ने 18 फरवरी 21 को सेवा नियमितीकरण से इंकार के 10 अक्टूबर 12 के विभागीय आदेश को रद्द करते हुए सेवा नियमितीकरण पर विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया। लेकिन, विभाग की ओर से यह कहते हुए नियमित करने की मांग अस्वीकार कर दी गई कि याची सेवानिवृत्त हो चुका है। इसकी नियुक्ति को चुनौती दी गई है।
याची ने प्रोविजनल पेंशन की भी मांग की। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश से पहले याची सेवानिवृत्त हो चुका था। इसकी जानकारी कोर्ट को थी या नहीं, स्पष्ट नहीं है। ऐसे में प्रोविजनल पेंशन नहीं दी जा सकती। याचिका पर जवाब मांगा गया है।