आयोग के अध्यक्ष ने सीएमओ और सीएचसी प्रभारी का भी घटना को लेकर बयान लिया। जहां पर सीएमओ ने बताया कि करंट लगने के बाद बजरंगी के बेटे का इलाज डीहा के स्थानीय क्लीनिक पर चल रहा था। वहीं पर उनके बेटे की मौत हुई।
बेटे के शव को पोस्टमार्टम हाउस से कंधे पर लादकर करछना तक जाने की घटना में बुधवार को मानवाधिकार आयोग ने पीड़ित पिता बजरंगी का बयान दर्ज किया। राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वीके नारायण ने बुधवार को सर्किट हाउस में करछना के सेमरहा गांव निवासी पीड़ित पिता बजरंगी यादव, उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की।
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इसके बाद उनका बयान दर्ज किया। इस दौरान सीएमओ डॉ. नानक सरन और सीएचसी करछना प्रभारी भी मौजूद रहे। आयोग के अध्यक्ष ने सीएमओ और सीएचसी प्रभारी का भी घटना को लेकर बयान लिया। जहां पर सीएमओ ने बताया कि करंट लगने के बाद बजरंगी के बेटे का इलाज डीहा के स्थानीय क्लीनिक पर चल रहा था। वहीं पर उनके बेटे की मौत हुई।
इसके बाद शव पुलिस लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची थी। जहां पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम के दिन तैनात फार्मासिस्ट और शव के साथ आए सिपाही का भी बयान दर्ज किया जाना है।