इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग से रेप के दोषी फर्रुखाबाद के रिंकू राजपूत की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। साथ ही सजा के खिलाफ अपील को सुनवाई के लिए जुलाई में मामला पेश करने का निर्देश दिया है। मामले में न्यायमूर्ति मनोज मिश्र और न्यायमूर्ति समीर जैन की खंडपीठ सुनवाई कर रही थी।
रिंकू राजपूत और मनोहर ने नाबालिग लड़की को पैसे का लालच देकर रेप किया। कुछ महीनों बाद जब उसके पेट में दर्द हुआ तो उसके गर्भवती होने का खुलासा हुआ। पीड़िता ने बताया कि रिंकू राजपूत और मनोहर ने उसके साथ कुछ महीने पहले अमर्यादित काम किया था। उसने यही बयान अदालत में भी दिया।
नाबालिग को जब बच्चा पैदा हुआ तो डीएनए रिपोर्ट में मनोहर का बॉयोलॉजिकल पुत्र साबित हुआ। रिंकू राजपूत का कहना था कि उसका डीएनए बच्चे से नहीं मिला। उसे जमानत पर रिहा किया जाए। सरकारी अधिवक्ता ने तर्क दिया कि सत्र न्यायालय ने पीड़िता के बयान के आधार पर उम्रकैद और 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। याची जमानत पाने का हकदार नहीं है।