हाईकोर्ट ने रिपोर्टिंग अनुभाग को निर्देश दिया कि बिना बुकमार्क के ई-दाखिले के मुकदमे की कोई फाइल न तो पास करें और न ही सुनवाई के लिए कोर्ट में भेजें। कोर्ट ने कहा है कि बिना बुकमार्क के ई-दाखले की फाइल के संलग्नकों को पढ़ पाने में बेहद मुश्किल आ रही है। कोर्ट ने ऐसी याचिकाओं को नए सिरे से दाखिल करने की छूट देते हुए खारिज कर दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र ने मजहर अली की याचिका पर दिया है। जब केस की पुकार हुई तो याचिका पर बहस के लिए कोई वकील नहीं आया। कोर्ट ने पाया कि बिना बुकमार्क के ई-फाइलिंग हो रही है। 70 पृष्ठ की याचिका बिना बुकमार्क के देखने में दिक्कत आ रही है। कोर्ट ने नए सिरे से याचिका दाखिल करने की छूट देते हुए स्टैंप रिपोर्टिंग अनुभाग को बिना बुकमार्क किए दाखिल याचिका पास न करने का आदेश दिया है।