पुलिस पर बलपूर्व कब्जा करने का आरोप
याची का कहना था कि बलपूर्वक पुलिस द्वारा उसके मकान पर कब्जा सांविधानिक अधिकारों का हनन है। हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने संपत्ति का स्वामी होने का दावा किया। दूसरी तरफ याची के हक में अदालत की डिक्री है, जिसका पालन नहीं किया जा रहा था। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की आलोचना की। कहा कि सशस्त्र बल के जरिए अवैध कब्जा करना सही नहीं है। जिलाधिकारी सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी व पुलिस कमिश्नर आगरा सहित पुलिस अधिकारियों को हरिपर्वत थाने की पुलिस चौकी खंडारी रोड का कब्जा 10 अक्तूबर को सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक याची को सौंपने का निर्देश दिया है और जिलाधिकारी से कब्जा सौंपने की रिपोर्ट 12 अक्तूबर तक हाईकोर्ट के महानिबंधक को भेजने का आदेश दिया है।
मौके की कार्रवाई अदालत में पेश करने का भी निर्देश
कोर्ट ने कहा है कब्जा सौंपने की कार्यवाही के दौरान कोर्ट अमीन मौके की कार्यवाही रिपोर्ट निष्पादन अदालत में पेश करें। कोर्ट ने यह भी कहा है कि विवादित संपत्ति के स्वामित्व को लेकर दाखिल वाद तय होने तक याची संपत्ति की प्रकृति में बदलाव नहीं करेगा। केवल मरम्मत करा सकेगा और संपत्ति तीसरे पक्ष को नहीं बचेगा। यदि स्वामित्व वाद में राज्य सरकार के पक्ष में फैसला आया है तो याची संपत्ति का कब्जा वापस कर देगा।