हाईकोर्ट ने होमगार्ड प्लाटून कमांडर और ब्लाक आर्गेनाइजर की भर्ती प्रक्रिया तीन माह में पूरी करने का आदेश दिया है। यह भर्तियां उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा की जा रही हैं। भर्ती में धांधली की शिकायत पर विजलेंस को इसकी जांच सौंपी गई थी। जांच में शिकायत गलत निकलने के बाद कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है। राजेश कुमार मौर्य और अन्य की याचिकाओं पर यह आदेश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने दिया है।
याचीगण का कहना है कि वह लोग 22 दिसंबर 2016 को घोषित परिणाम में सफल हुए थे। 14 जुलाई 2017 को परिणाम पुनरीक्षित किया गया। इसके बाद आयोग ने शारीरिक दक्षता परीक्षा की अनुमति मांगी। इस बीच चयन में धांधली की शिकायत पर विजलेंस जांच शुरू कर दी गई। 27 मार्च 2019 को विजलेंस ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी और भर्ती प्रक्रिया को साफ सुथरा बताया। कोर्ट के पूछने पर सरकारी वकील ने बताया कि भर्ती में कोई धांधली नहीं पाई गई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अब प्रक्रिया पूरी करने में कोई वैधानिक अड़चन नहीं है इसलिए तीन माह में इसे पूरा किया जाए।