कोर्ट ने विवादित राशि को जमा करने केलिए एक महीने का समय भी दिया। कहा कि राशि जमा न करने पर आवेदन खारिज कर दिया जाएगा। मामले में याची की ओर से कानपुर नगर के लिए मध्यस्थता के लिए नियुक्ति जिला जज के आदेश को चुनौती दी थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि एमएसएमई अधिनियम की धारा 19 के तहत एक वैधानिक अवार्ड को रद्द करने के लिए किसी भी आवेदन पर तब तक विचार नहीं किया जाएगा, जब तक कि याची विवादित राशि का 75 फीसदी हिस्सा जमा नहीं कर देता है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह की पीठ ने एमएस तिरुपति स्टेशनरी प्राइवेट लिमिटेड की याचिका को स्वीकार करते हुुए दिया।
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कोर्ट ने विवादित राशि को जमा करने केलिए एक महीने का समय भी दिया। कहा कि राशि जमा न करने पर आवेदन खारिज कर दिया जाएगा। मामले में याची की ओर से कानपुर नगर के लिए मध्यस्थता के लिए नियुक्ति जिला जज के आदेश को चुनौती दी थी। जिला जज ने याची के अवार्ड की रकम को जमा करने केलिए समय दिए जाने की मांग को खारिज कर दिया था। याची ने इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।