मामले में याची की ओर से कहा गया है कि सरकार मीसा के तहत बंद राजनैतिक बंदियों की बजाय अपराधियों को पेंशन दे रही है। जबकि, पूर्व में प्रदेश सरकार ने यह घोषणा की थी कि मीसा के तहत बंद राजनैतिक बंदियों को पेंशन प्रदान की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजनैतिक बंदियों को पेंशन दिए जाने के मामले में राज्य सरकार से जांच कराकर रिपोर्ट देने को कहा है। यह आदेश ह्यूमन राइट लीगल नेटवर्क व चार अन्य की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति पियुष अग्रवाल की दो जजों की खंडपीठ ने दिया है।
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मामले में याची की ओर से कहा गया है कि सरकार मीसा के तहत बंद राजनैतिक बंदियों की बजाय अपराधियों को पेंशन दे रही है। जबकि, पूर्व में प्रदेश सरकार ने यह घोषणा की थी कि मीसा के तहत बंद राजनैतिक बंदियों को पेंशन प्रदान की जाएगी। याची के अधिवक्ता मनमोहन सिंह ने कोर्ट को बताया कि याचिका पर पहले भी राज्य सरकार ने जांच कराई है। जांच में भी इस बात की पुष्टि हुई है। इस पर कोर्ट ने जांच कराकर जवाब दाखिल करने को कहा है।