इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सहायक उप निरीक्षक की गोली लगने से मौत के मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। घटना में हत्या की आशंका जताते हुए सीबीआई जांच की मांग को लेकर याचिका दाखिल की गई है। याचिका की अगली सुनवाई छह अक्तूबर को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति आर के गौतम की खंडपीठ ने मनोरमा मिश्रा की याचिका पर दिया है। याची अधिवक्ता नितेश श्रीवास्तव का कहना था कि देवरिया के जिगना मिश्र गांव के निवासी कृष्ण मुरारी मिश्र सीमा पर तैनात थे। 7 अगस्त 19 की रात सिर में गोली लगने से उनकी मौत हो गई। जिलाधिकारी देवरिया के आदेश पर डॉक्टरों की टीम ने 10 अगस्त19 को दोबारा पोस्टमार्टम किया।
सिर में दाहिनी तरफ से दो गोलियां मारी गईं, जो बाईं तरफ से निकल गईं। डॉक्टरों की टीम ने आत्महत्या के बजाय हत्या की आशंका जताई है, जबकि विभाग के अधिकारी हत्या को आत्महत्या करार दे रहे हैं। इसलिए निष्पक्ष जांच कराई जाय। याची का कहना था कि सीमा सुरक्षा बल 145 बटालियन के कमांडेंट ने 11 सितंबर को पत्र लिखकर बताया कि त्रिपुरा सेपाहीजाला के सोनापुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विवेचना चल रही है और 31 जनवरी 20 को कमांडेंट फ्रंटियर कार्यालय त्रिपुरा ने याची को सूचना दी कि सभी तथ्यों से विवेचना अधिकारी व एसपी देवरिया को अवगत कराया गया है। याचिका में हत्या की आशंका को लेकर सीबीआई जांच की मांग की गई है।