ऐसे में 14 लाख 30 हजार 067 रुपये अधिक वेतन भुगतान के सेवानिवृति परिलाभों से समायोजित करने का निर्देश दिया गया। जिसे याचिका में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ मानते हुए चुनौती दी गई। एकलपीठ ने सरकार के आदेश को गलत करार देते हुए वसूली आदेश रद्द कर दिया। जिसको अपील में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने हस्तक्षेप से इंकार कर दिया। कहा गलत वेतन निर्धारण में कर्मचारी की कोई भूमिका नहीं है। उसने कोई फ्राड नहीं किया है। न ही गलत भुगतान की वसूली की सहमति दी है। इसलिए अधिक भुगतान की वसूली नहीं की जा सकती।