यह आदेश न्यायमूर्ति ओमप्रकाश त्रिपाठी ने याची फरहान उर्फ सानू की जमानत खारिज करते हुए दिया है। फरहान उर्फ सानू रेप के जुर्म में धारा 376, 504, 506 तथा 3 और 5 (1) गैरकानूनी धर्म परिवर्तन कानून. 2020 के मामले में जेल में बंद है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी का वादा करके रेप करने और बाद में इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाने के आरोपी की जमानत खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर है। इसे जमानत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट वरीयता के आधार पर केस की अंतिम रूप से सुनवाई एक साल में पूरी करे।
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यह आदेश न्यायमूर्ति ओमप्रकाश त्रिपाठी ने याची फरहान उर्फ सानू की जमानत खारिज करते हुए दिया है। फरहान उर्फ सानू रेप के जुर्म में धारा 376, 504, 506 तथा 3 और 5 (1) गैरकानूनी धर्म परिवर्तन कानून. 2020 के मामले में जेल में बंद है। उसके खिलाफ एफआईआर थाना रामगढताल गोरखपुर में दर्ज है। पीड़िता ने एफआईआर में कहा है कि आरोपी ने उसके साथ शादी का झूठा वादा कर संबंध बनाया और रेप किया। बाद में उस पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बना रहा है।
आरोपी का कहना है कि जब तक वह इस्लाम कबूल नहीं करेगी, वह उससे शादी नहीं करेगा। पीड़िता ने कहा है कि उसे जान का खतरा है। इस कारण वह मुकदमा दर्ज करा रही है। उधर, आरोपी का कहना था कि उसे झूठा फंसाया गया है। पीड़िता के न तो अंदरूनी और न ही किसी बाहरी हिस्से में चोट है। उसने इस्लाम कबूल करने का दबाव नहीं बनाया है। सरकारी वकील ने भी जमानत अर्जी का विरोध किया।