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हाईकोर्ट : भड़काऊ बयान देने के मामले में माफिया मुख्तार के बेटे अब्बास को नहीं मिली राहत

Thu, 12 May 2022 08:53 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अब्बास अंसारी ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। बृहस्पतिवार को सुनवाई केदौरान कोर्ट में मामला पेश किया गया तो सरकारी अधिवक्ता की ओर से बताया गया कि मामले में 11 मई को पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
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मुख्तार अंसारी व उसका पुत्र अब्बास अंसारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधान सभा चुनाव केदौरान भड़काऊ भाषण देने के मामले में बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। पुलिस ने गिरफ्तारी करने से पहले ही मामले में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इस वजह से हाइकोर्ट में दाखिल याचिका निष्फल हो गई है। याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति साधना रानी ठाकुर की खंडपीठ कर रही थी।

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अब्बास अंसारी ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। बृहस्पतिवार को सुनवाई केदौरान कोर्ट में मामला पेश किया गया तो सरकारी अधिवक्ता की ओर से बताया गया कि मामले में 11 मई को पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। लिहाजा, याचिका पोषणीय नहीं रह गई है। मामले में अब अदालत की प्रक्रिया शुरू होगी। उधर, याची के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने कहा कि वह आरोप पत्र को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।

अब्बास अंसारी ने विधान सभा चुनाव केदौरान एक चुनावी सभा में कहा था कि वह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से कहा है कि सरकार बनने के बाद छह महीनें तक किसी भी अधिकारी का ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। जो जहां है, वहीं रहेगा, उससे पूरा हिसाब-किताब लिया जाएगा। उसके बाद उनकेजाने पर मुहर लगाई जाएगी। वह बाहुबली हैं, उन्हें इससे कोई गुरेज नहीं है। इसी केबाद अब्बास अंसारी पर मुकदमा दर्ज किया गया था। उसी मुकदमें को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

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भूमि कब्जा करने के मामले में भी आफ्सा अंसारी की याचिका खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाहुबली मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्सा अंसारी को भूमि पर कब्जा करने के मामले में राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने गैंगेस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमें को रद्द करने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रजनीश कुमार ने आफ्सा अंसारी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।


आफ्सा अंसारी पर मऊ के दक्षिणी टोला थाने में 31 जनवरी 2022 को गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आफ्सा अंसारी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इसे रद्द करने की मांग की थी। मामले में और लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। हाईकोर्ट ने इसकेपहले इसी एफआईआर में सह अभियुक्त बनाए गए रविंद्र नारायण सिंह व अन्य की मांग की याचिका को खारिज कर दिया है।


कोर्ट ने आफ्सा अंसारी के मामले में कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं है, जिसके आधार पर याची की मांग को स्वीकार किया जाए। इसी मामले में जब सह अभियुक्त की याचिका खारिज कर दी गई है। लिहाजा, याची की एफआईआर रद्द करने की मांग को अस्वीकार करते हुए याचिका खारिज की जाती है।
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