प्रतिदिन जयपुर से आता था ओटीपी
विकास के मोबाइल पर प्रतिदिन जयपुर से ओटीपी आता था, जिसके बाद प्रति गेंद ‘भाव’ मिलना शुरू हो जाता था। गिरोह के लोगों ने सट्टेबाजी से करोड़ों रुपये कमाए थे। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि सभी मंहगी मंहगी गाड़ियों और से चलते थे। किसी दूसरे शहर में जाने के लिए फ्लाइट का प्रयोग करते थे। आरोपियों के खिलाफ जार्जटाउन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उनके खिलाफ जुआ अधिनियम के साथ धारा 420 भी लगाई गई है।
किरायेदार और जयपुर के सटोरिये भी वांटेड
गैंग के लोगों ने टैगोर टाउन के एक घर को अपना अड्डा बनाया था। वहां धर्मेंद्र सिंह नाम का शख्स किरायेदार था। गैंग के लोग उसे अच्छी खासी रकम देते थे। एसटीएफ ने धर्मेंद्र को भी नामजद किया है। इसके अलावा जयपुर के रहने वाले मुख्य सटोरियों को भी वांटेड किया गया है। पुलिस को मोबाइल पर पूरी रिकार्डिंग मिली है। गैंग के लोगों ने तमाम लोगों की रकम धोखे से हड़पी भी है।