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इलाहाबाद हाईकोर्ट : माफिया बृजेश सिंह की दलील, दुश्मनी बस उन्हें फंसाया गया

Fri, 03 Nov 2023 01:40 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

घटना में माफिया बृजेश सिंह सहित 13 को आरोपी बनाया गया था। वाराणसी अदालत ने सुनवाई कर आरोपियों को बरी कर दिया था। याची ने उसे चुनौती दी है। सरकार की ओर से भी ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है।
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बृजेश सिंह। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद हाईकोर्ट में 1987 में तत्कालीन जिला क्षेत्र वाराणसी के बलुआ थानांतर्गत सिकरौरा कांड में बृहस्पतिवार को भी सुनवाई जारी रही। माफिया बृजेश सिंह ने कोर्ट के सामने खुद को बेगुनाह बताया। कहा कि पुलिस ने जानबूझकर उन्हें मामले में फंसाया है। माफिया की दलीलें पूरी होने के बाद यूपी सरकार की ओर से बहस जारी है। समय के चलते कोर्ट शुक्रवार को फिर सुनवाई करेगी। पीड़िता हीरावती की ओर से दाखिल विशेष अपील पर मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूति अजय भनोट की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।

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घटना में माफिया बृजेश सिंह सहित 13 को आरोपी बनाया गया था। वाराणसी अदालत ने सुनवाई कर आरोपियों को बरी कर दिया था। याची ने उसे चुनौती दी है। सरकार की ओर से भी ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। कोर्ट ने याची सहित मामले के सभी की गवाही सुनी। इसके बाद माफिया बृजेश सिंह की ओर से पक्ष रखा गया।

कहा गया कि डकैतों ने घटना को अंजाम दिया। उनसे इस घटना से कोई लेनादेना नहीं था। पुलिस ने कागजों की हेराफेरी करके उन्हें अभियुक्त बना दिया। कोर्ट ने बृजेश सिंह की दलील पूरी होने के बाद सरकार का पक्ष जाना। सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि घटना में डकैती जैसा कोई काम नहीं हुआ। फिलहाल, मामले में शुक्रवार को भी सुनवाई होगी।

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