इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि वर्क चार्ज के रूप में सेवा अवधि को जोड़कर क्वालीफाइंग सर्विस अवधि का निर्धारण किया जाय और सुप्रीम कोर्ट के महेंद्र प्रताप केस के फैसले के तहत विचार कर निर्णय लिया जाए।
कोर्ट ने कहा कि याचीगण सेवा जनित अन्य लाभ पाने के हकदार हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को कार्यवाही चार हफ्ते में पूरी करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने राकेश कुमार व 5 अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
याचिका में याचियों की वर्कचार्ज सेवा अवधि को क्वालीफाइंग सर्विस तय करने में जोड़ने से इनकार करने के 3 फरवरी 21 के आदेश की वैधता को चुनौती दी गई थी। अधिवक्ता का तर्क था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विचार नहीं किया गया। जिसमें साफ कहा है कि वर्कचार्ज सेवा को भी जोड़ा जाएगा। कोर्ट ने 3 फरवरी 21 के आदेश को रद्द कर दिया है और चार सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।