हाईकोर्ट की बेंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बनाने की कोशिशों का विरोध कर रहे अधिवक्ता सोमवार 22 दिसंबर को एक बड़े प्रदर्शन की तैयारी में हैं। प्रदर्शन में जिले के सभी अधिवक्ता संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। शनिवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और विभिन्न कमेटियों ने व्यापक विचार विमर्श किया। बैठक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बयान की निंदा करते हुए उसे असंवैधानिक बताया गया। तय किया गया कि सोमवार को हाईकोर्ट गेट पर एकत्र होने के बाद सभी लोग कचहरी स्थित चौरासी खंभा पहुंचेंगे। उनका सहयोग जिले के दूसरे सभी अधिवक्ता संगठन करेंगे। सभा के बाद डीएम को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बार एसोसिएशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय लेकर मिलने का भी प्रयास करेगा। यदि संभव हुआ तो प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे मेें ही मुलाकात होगी। उनसे बेंच के मुद्दे पर अपना पक्ष रखा जाएगा और गृह मंत्री राजनाथ सिंह तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी के बयानों पर भी चर्चा होगी। 22 दिसंबर को भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। हाईकोर्ट से पद यात्रा निकाली जाएगी जो कचहरी चौरासी खंभा जाकर जनसभा में बदल जाएगी। इसमें जिला अधिवक्ता संघ, बोर्ड ऑफ रेवेन्यू बार एसोसिशन, कैट बार एसोसिएशन, डीआरटी आदि भी शामिल होंगे।
इससे पूर्व शनिवार को हाईकोर्ट में हुई सलाहकार समिति की बैठक पूर्व अध्यक्ष एनसी राजवंशी की अध्यक्षता में हुई। सलाहकार समिति के सदस्यों मेें अभिषेक सिंह चौहान, एबीएल गौड़, टीपी सिंह, डॉ. एसपी श्रीवास्तव, अनुग्रह नारायण सिंह, बीके श्रीवास्तव और यूएन शर्मा मौजूद थे। संघर्ष समिति की बैठक राधाकांत ओझा की अध्यक्षता में हुई। संचालन आईके चतुर्वेदी ने किया। बैठक में बृजेश सहाय, शशिनंदन, ओपी सिंह, दयाशंकर मिश्र, अनिल तिवारी, एनसी त्रिपाठी, प्रभाशंकर, वीर सिंह, केके द्विवेदी, डीके श्रीवास्तव, वीएस सिंह, जेए आजमी, अवधेश श्रीवास्तव आदि थे। बार अध्यक्ष राकेश पांडेय और महासचिव सीपी उपाध्याय ने युवा संघर्ष मोर्चा की बैठक में अवनींद्र मिश्र को मोर्चा का उपाध्यक्ष बनाया है।
पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच के समर्थन में गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा दिए गए बयान के विरोध में यूथ ब्रिगेड अधिवक्ता संघ ने राजनाथ सिंह का पुतला फूंका। चौरासी खंभा कचहरी पर आयोजित कार्यक्रम में अधिवक्ता नौशाद आलम, राकेश तिवारी, तहसीन अहमद, नाथूराम बौद्ध, बीके बघाडिया, अभिमन्यु सिंह, विनय श्रीवास्तव, उमेश कुमार, प्रकाश शेखर, कुलदीप कुशवाहा, राजेंद्र मिश्र, कन्हैया सिंह, हैदर सुल्तान आदि दर्जनों वकील शामिल हुए।