मामले की सुनवाई 21 जुलाई को होगी। रेवेन्यू ऑफ बोर्ड बार एसोसिएशन रजिस्ट्रार सोसाइटी द्वारा पंजीकृत एवं बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से संबद्ध है। सन 1988 से लेकर 2004 तक एसोसिएशन का चुनाव बैलेट पेपर द्वारा विधिक रूप से कराया जाता रहा है। 2010 के बाद से चुनाव नहीं हुआ है।
बोर्ड ऑफ रेवेन्यू बार एसोसिएशन के चुनाव के मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई टल गई है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए अब 21 जुलाई की तिथि तय की है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ कर रही थी।
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सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता की ओर से सुनवाई टालने के लिए आग्रह किया गया। इस पर कोर्ट ने सुनवाई टाल दी। बोर्ड ऑफ रेवेन्यू बार एसोसिएशन का चुनाव मॉडल बायलॉज के अनुसार रजिस्ट्रार सोसाइटी एवं बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार कराए जाने के लिए हाईकोर्ट में सुनीता शर्मा एडवोकेट की ओर से दाखिल जनहित याचिका की पैरवी अधिवक्ता विजय चंद्र श्रीवास्तव कर रहे हैं। याचिका में चुनाव नही कराए जाने के कारण बार एसोसिएशन को हुए छह करोड़ रुपयों का नुकसान होने की बात कही गई है।
कहा गया है कि इन्हीं पदाधिकारियों के द्वारा हुए नुकसान की भरपाई पूरी की जाए। इसके साथ ही आजीवन चुनाव नही लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। मामले की सुनवाई 21 जुलाई को होगी। रेवेन्यू ऑफ बोर्ड बार एसोसिएशन रजिस्ट्रार सोसाइटी द्वारा पंजीकृत एवं बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से संबद्ध है। सन 1988 से लेकर 2004 तक एसोसिएशन का चुनाव बैलेट पेपर द्वारा विधिक रूप से कराया जाता रहा है। 2010 के बाद से चुनाव नहीं हुआ है।