याचिका में करवरिया ने खुद को बेकसूर बताया है और पुलिस चार्जशीट व केस कार्यवाही को रद्द किए जाने की मांग की गई है। मामले में 2019 में जिला पंचायत में नियुक्तियों में धांधली की शिकायत की जांच कराई गई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कौशांबी जिला पंचायत अध्यक्ष रहते हुए नियुक्तियों में षड्यंत्र व भ्रष्टाचार के आरोप में दर्ज आपराधिक मामले में पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया को प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करने का तीन हफ्ते का समय दिया है। राज्य सरकार की तरफ से जवाबी हलफनामा दाखिल किया जा चुका है। अब इस याचिका की सुनवाई तीन मार्च को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता ने दिया है। याचिका पर अधिवक्ता सुरेश चंद्र द्विवेदी ने बहस की।
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याचिका में करवरिया ने खुद को बेकसूर बताया है और पुलिस चार्जशीट व केस कार्यवाही को रद्द किए जाने की मांग की गई है। मामले में 2019 में जिला पंचायत में नियुक्तियों में धांधली की शिकायत की जांच कराई गई।
षड्यंत्र व भ्रष्टाचार को लेकर दाखिल रिपोर्ट पर विशेष सचिव उत्तर प्रदेश ने एसपी कौशांबी को एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। इस पर मंझनपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने वर्ष 2004-05 और 2009 में लिपिक भर्ती में षड्यंत्र व अनियमितता के आरोप में चार्जशीट दाखिल की।