इलाहाबाद हाईकोर्ट में ज्ञानवापी मामले में सुनवाई बुधवार को स्थगित हो गई। मामले की सुनवाई अब 24 फरवरी को होगी। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने बुधवार को चेंबर में मामले की सुनवाई की।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग छोड़कर वजूखाने के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से सर्वेक्षण की मांग वाली याचिका पर अब 24 फरवरी 2025 को सुनवाई करेगी। वहीं समान राहत की मांग करने वाली एक और याचिका को राखी सिंह की याचिका से जोड़ने का आदेश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने चेंबर में बुधवार को याची राखी सिंह की ओर से दाखिल सिविल रिवीजन याचिका को सुनने के दौरान दिया।
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मामले में हिन्दू पक्षकार राखी सिंह ने 16 जनवरी 2024 को दायर सिविल रिविजन के साथ स्वयंभू लार्ड आदिविशेश्वर वाद में फास्ट ट्रैक कोर्ट-सिविल जज, वाराणसी के आदेश के विरुद्ध अतिरिक्त सर्वे को लेकर याचिका दायर की थी। बुधवार को हाईकोर्ट नें सर्वोच्च न्यायालय के 12 दिसंबर को प्लेसेज आफ वर्शिप एक्ट (उपासना/पुजा स्थल कानून,1991) की वैद्यता को लेकर हुई सुनवाई के दौरान पारित अंतरिम आदेश जिसमें अदालतों को सर्वेक्षण के आदेश सहित कोई भी प्रभावी अंतरिम या अंतिम आदेश पारित करने से रोक दिया गया है, का हवाला देते सुनवाई की तिथि 24 फरवरी को नियत कर दिया गया है। सुनवाई के दौरान हिन्दू पक्ष की तरफ से अधिवक्ता सौरभ तिवारी के साथ अधिवक्ता विकास कुमार , काशी विश्वनाथ मंदिर की तरफ से अधिवक्ता विनित संकल्प व अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।