उल्लंघन करने पर स्वत: रद्द हो जाएगा जमानत
लड़की ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपने बयान में आरोपी के बयान की पुष्टि की और कहा कि वह उससे शादी करना चाहती थी। अदालत ने इस तथ्य पर भी गौर किया कि शिकायतकर्ता पहले ही एक बच्चे को जन्म दे चुकी है जो अब एक महीने का हो चुका है। हालांकि शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि रेडियोलॉजिकल परीक्षण के अनुसार पीड़िता केवल 17 वर्ष की थी, लेकिन उसने अंतरिम जमानत की प्रार्थना पर आपत्ति नहीं जताई।
कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को तीन जुलाई तक इस शर्त पर जमानत दी है कि वह पीड़िता से शादी करेगा। अदालत ने जमानत शर्तों में से एक में कहा, “ आवेदक जेल से रिहाई के तुरंत बाद 15 दिनों के भीतर पीड़िता के साथ शादी करेगा। ” इसके बाद जोड़े को 15 दिनों के भीतर शादी पंजीकृत करानी होगी।
विवाह प्रमाण पत्र आवेदक और पीड़िता को अगली तय तारीख तीन जुलाई 2024 को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। कोर्ट ने आगे स्पष्ट किया कि यदि आरोपी किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है और पीड़िता या उसका परिवार इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज कराता है तो अंतरिम जमानत स्वतः रद्द हो जाएगी।