इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण की ऑडिट रिपोर्ट की आपत्तियों के आधार पर आपराधिक केस दर्ज करने का निर्देश जारी करने से इंकार कर दिया है। अपर महाधिवक्ता का कहना था कि ऑडिट रिपोर्ट में उठाई गई आपत्तियों पर विचार किया गया और कार्यवाही कर सीएजी को प्रेषित कर दिया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि आपराधिक केस दर्ज करने का कोई आधार नहीं है और याचिका खारिज कर दी है।
यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एमएन भंडारी तथा न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की खंडपीठ ने अजय कुमार मिश्र की जनहित याचिका पर दिया है। याची का कहना था कि सीएजी की आडिट रिपोर्ट में भारी वित्तीय अनियमितता को लेकर आपत्ति की गई है, जिसकी जांच कराई जाए। सरकार ने साफ कर दिया कि ऑडिट आपत्तियों पर विचार कर कार्यवाही से सीएजी को अवगत करा दिया गया है। इस पर कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है।