परिवार वालों की मर्जी के खिलाफ शादी करने वाले जोड़ों का उनके रिश्तेदारों द्वारा अपहरण या मारपीट जैसी घटना पर हाईकोर्ट बेहद गंभीर है। कोर्ट के सामने या कई परिसर के भीतर ही होने वाली घटनाओं को न्यायालय की गरिमा के विपरीत मानते हुए एसएसपी को सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में संरक्षण मांगने कोर्ट आने वाले किसी भी जोड़े के साथ अप्रिय वारदात न होने पाए। कोर्ट ने एसओ कैंट को भी तलब कर हिदायत दी है कि अदालत आने वाले जोड़ों की सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट के आसपास इंतजाम किए जाएं।
परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी करने वाले तमाम जोड़े हाईकोर्ट में पुलिस कार्रवाई के विरुद्ध संरक्षण मांगने के लिए आते हैं। अक्सर उनके रिश्तेदारों की इसकी भनक रहती है वह कोर्ट पहुंचने से पहले ही उनको अगवा कर लेते हैं या फिर कोर्ट बाहर ही मारपीट होती है। इस प्रकार का नजारा हाईकोर्ट के आसपास आम है। यहां आए दिन ऐसी वारदात होती रहती है। बृहस्पतिवार को भी एक प्रेमी युगल शादी करके संरक्षण मांगने हाईकोर्ट पहुंचा। उन्होंने याचिका दाखिल कर दी मगर अदालत में हाजिर नहीं हो सके। उनके अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि प्रेमी युगल जब हाईकोर्ट में प्रवेश के लिए पास बनवा था तभी बाहर से ही उनके रिश्तेदारों ने उनका अपहरण कर लिया। अधिवक्ता के क्लर्क ने इसकी प्राथमिकी कैंट थाने में दर्ज कराने की कोशिश की मगर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि अदालत संरक्षण मांगने आने वालों का परिसर के भीतर या बाहर से अपहरण कर लेना न्यायालय की गरिमा के विपरीत कार्य है। जबकि यहां बड़ी संख्या में अर्द्धसैनिक बल और पुलिस सुरक्षा में तैनात रहती है। कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को एसओ कैंट अदालत में उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि गुरुवार की घटना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। कोर्ट में आश्वासन दिया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं नहीं होंगी। अदालत ने एसएसपी को आदेश दिया है कि यदि ऐसी वारदात होती है तो वह दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।