पुलवामा आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ कांस्टेबल विजय मौर्य के नाम से देवरिया के इटवा बाईपास से जिगना मिसिर गांव होते हुए छबिया जयदेव गांव तक 1.8 किलोमीटर सड़क निर्माण किया जा रहा है। नौ मार्च 21 को अधिसूचना जारी कर पीडब्ल्यूडी को निर्माण का कार्य सौंपा गया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलवामा शहीद के नाम बिना सहमति तथा मुआवजा दिए विवादित प्लॉटों में सड़क निर्माण पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति सीके राय की खंडपीठ ने पवन कुमार मिश्र की याचिका पर दिया है।
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पुलवामा आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ कांस्टेबल विजय मौर्य के नाम से देवरिया के इटवा बाईपास से जिगना मिसिर गांव होते हुए छबिया जयदेव गांव तक 1.8 किलोमीटर सड़क निर्माण किया जा रहा है। नौ मार्च 21 को अधिसूचना जारी कर पीडब्ल्यूडी को निर्माण का कार्य सौंपा गया है। जिलाधिकारी तथा कमेटी ने यह कहते हुए याची की आपत्ति खारिज कर दी कि पहले से मौजूद चकरोड पर सड़क बन रही है।
याची का कहना है कि चकरोड 15.20 कडी़ चौड़ी है और सड़क 30.35 कडी़ चौड़ी बन रही है। चौड़ीकरण में अतिरिक्त जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया है। कोर्ट ने कहा, चकरोड का चौड़ीकरण किया जा रहा है, यह निर्विवाद तथ्य है। कोर्ट ने भटनी ब्लाक के जिगना मिसिर गांव के याचियों के विवादित प्लॉट संख्या 574, 558, 621 तथा 659 पर अगली सुनवाई तक निर्माण न करने का निर्देश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 10 जनवरी को होगी।