इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्रों को छात्रवृत्ति की प्रतिपूर्ति न करने के मामले में प्रमुख सचिव समाज कल्याण उ. प्र. से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है और पूछा है कि छात्रों को स्कॉलरशिप क्यों नहीं दी जा रही है। याचिका की सुनवाई 19 जुलाई को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने भगवती कालेज सिवाया, मेरठ के एमएड छात्र सुशील कुमार व 4 अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता प्रतीक चंद्रा ने बहस की। याचियों का कहना है कि 2016-18 बैच में उन्होंने 2018 में प्रवेश लिया। सत्र विलंब से चल रहा है। ओबीसी छात्रों की स्कॉलरशिप दे दी गई, किंतु फंड न होने के आधार पर एससी, एसटी छात्रों की स्कॉलरशिप प्रतिपूर्ति नहीं की गई।
उन्होंने प्रत्यावेदन भी दिया है। सरकार की तरफ से कहा गया कि फंड राज्य सरकार से मांगा गया है। किंतु यह नहीं बताया गया कि भुगतान क्यों नहीं हो रहा। इस पर कोर्ट ने दो बार समय भी दिया। स्पष्ट जानकारी न मिलने पर प्रमुख सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है।