हाईकोर्ट ने देवरिया के बब्बन सिंह इंटर कॉलेज सतसिया में प्राइमरी स्कूल के अध्यापक को प्रबंधक बनाए जाने और सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच का आदेश प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को दिया है।
कोर्ट ने कहा क्या प्राइमरी स्कूल का अध्यापक या प्रधानाध्यापक किसी इंटर कॉलेज का प्रबंधक हो सकता है? क्या सरकारी खजाने से किसी प्राइवेट संस्था के व्यक्ति को कुप्रबंध के लिए धन दिया जा सकता है?
प्राइमरी अध्यापक पर आरोप लगाया गया है कि वह विद्यालय में पढ़ाने नहीं जाता है और वेतन ले रहा है तथा इंटर कॉलेज का प्रबंधक बना हुआ है। यह इंटर मीडिएट एक्ट के खिलाफ है।
कॉलेज के सेवानिवृत्त अध्यापक वासुदेव त्रिपाठी ने इस मामले में याचिका दाखिल की है। याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं। कोर्ट ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को इस प्रकरण की जांच करने का आदेश दिया है।