याची के खिलाफ सहारनपुर जिले के देवबंद थाने में आईपीसी की धारा 304, 328, 272, 120बी और आबकारी अधिनियम की धारा 60(ए) के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई । याची की शराब बनाने वाले केमिकल की कंपनी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में सहारनपुर जिले के देवबंद थाने के अंतर्गत जहरीली शराब से हुई 144 लोगों की मौत के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इसके लिए कुछ शर्तें लगाई हैं। कोर्ट ने दो जमानतदार केसाथ उसे निजी मुचलके पर छोड़े जाने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने विपिन कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
विज्ञापन
याची के खिलाफ सहारनपुर जिले के देवबंद थाने में आईपीसी की धारा 304, 328, 272, 120बी और आबकारी अधिनियम की धारा 60(ए) के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई । याची की शराब बनाने वाले केमिकल की कंपनी है। आरोप है कि जिस जहरीली शराब से लोगों की मौत हुई, उसमें याची की कंपनी का ही केमिकल मिलाया गया था।
याची केअधिवक्ता ने तर्क दिया कि याची 14 फरवरी 2019 से जेल में बंद है और यदि उसे जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह कभी भी जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा। सरकारी अधिवक्ता निशांत सिंह ने जमानत अर्जी का विरोध किया। लेकिन, कोर्ट ने याची केअधिवक्ता के तर्कों को स्वीकार करते हुए बिना गुणदोष का विचार किए हुए याची की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली और आरोपी को जमानत पर छोड़ने का आदेश दे दिया।