याची को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों ने 27 मई 2020 को टीकमगढ़ के खांडिया क्रॉसिंग, झांसी में दो ट्रकों पर प्लॉस्टिक की बोरी में लदा 1025 किलोग्राम गांजे के साथ पकड़ा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1025 किलोग्राम गांजा रखने के मामले में अभियुक्त की जमानत बढ़ाए जाने के मामले में दाखिल अर्जी खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को मुकदमे की सुनवाई में तेजी लाकर शीघ्रता से फैसला देने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने शंकर वारिक उर्फ विक्रम की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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याची को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों ने 27 मई 2020 को टीकमगढ़ के खांडिया क्रॉसिंग, झांसी में दो ट्रकों पर प्लॉस्टिक की बोरी में लदा 1025 किलोग्राम गांजे के साथ पकड़ा। कोर्ट में याची की ओर से तर्क दिया गया कि वह निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया। वह ट्रक पर बैठकर जा रहा था।
उसके पास से गांजा बरामद नहीं किया गया है। जबकि, प्रतिवादी की ओर से इसका विरोध किया गया। कहा गया कि याची अंतरराज्यीय स्तर पर नशे का अवैध कारोबार कर रहा है। घटनास्थल पर उसकी संलिप्तता पाई गई। कोर्ट ने तमाम सबूतों और तथ्यों को देखते हुए याची की जमानत अर्जी को बढ़ाई जाने की अर्जी को खारिज कर दी।