कोर्ट ने नौ जनवरी 24 को याची की ओर से विवेचना के दौरान 4,46,000 रुपये वापस करने के वायदे और एक माह में दो लाख रुपये कोर्ट में जमा करने की शर्त पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने सीजेएम को दो लाख रुपये ब्याज वाले बैंक खाते में जमा करा कर अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया था। याची से आदेश पालन का हलफनामा मांगा था।
हलफनामे के साथ सीजेएम का आदेश पेश किया गया, जिसमें पैसा जमा हुआ या नहीं, स्पष्ट नहीं किया गया। कोर्ट ने याची को सीजेएम के समक्ष अर्जी देकर आदेश संशोधित कराने को कहा। इसके बाद सीजेएम ने दो लाख रुपये की फिक्स डिपॉजिट की छाया प्रति लेकर मूल याची को वापस कर दी।
इसे याची ने हाईकोर्ट में पेश किया। इस पर कोर्ट ने सीजेएम की नासमझी पर नाराजगी जताई। साथ ही आदेश का सम्मान न करने की सीजेएम से सफाई लेकर जिला जज से अपनी टिप्पणी के साथ रिपोर्ट पेश करने को कहा है।