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हाईकोर्ट : आदेश का सम्मान न करने वाले सीजेएम मथुरा पर हाईकोर्ट खफा

Sat, 09 Mar 2024 01:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कोर्ट ने कहा है कि यदि याची 14 मार्च को दो लाख रुपये जमा नहीं कराता तो उसे मिली अंतरिम जमानत स्वयं समाप्त हो जाएगी और उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कोर्ट ने सीजेएम मथुरा के रवैए पर नाराजगी जताते हुए सफाई मांगी है। अर्जी की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक) - फोटो : istock
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला जज मथुरा से सीजेएम से सफाई मांगकर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है कि उन्होंने हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश का सम्मान क्यों नहीं किया। यह भी कि ब्याज वाले दो लाख रुपये बैंक खाते में जमा कराए बिना हड़बड़ी में ही याची को अंतरिम जमानत दे दी। इतना ही नहीं अपने आदेश को दुरुस्त करने के आदेश का सम्मान भी नहीं किया।

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न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान ने सौरव कुमार की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए याची को भी निर्देश दिया कि वह 14 मार्च को दो लाख रुपये की फिक्स डिपॉजिट के साथ जिला जज की अदालत में अर्जी दे और जिला जज रुपये बैंक खाते में जमा करने का आदेश पारित करें।

कोर्ट ने कहा है कि यदि याची 14 मार्च को दो लाख रुपये जमा नहीं कराता तो उसे मिली अंतरिम जमानत स्वयं समाप्त हो जाएगी और उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कोर्ट ने सीजेएम मथुरा के रवैए पर नाराजगी जताते हुए सफाई मांगी है। अर्जी की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।

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कोर्ट ने नौ जनवरी 24 को याची की ओर से विवेचना के दौरान 4,46,000 रुपये वापस करने के वायदे और एक माह में दो लाख रुपये कोर्ट में जमा करने की शर्त पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने सीजेएम को दो लाख रुपये ब्याज वाले बैंक खाते में जमा करा कर अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया था। याची से आदेश पालन का हलफनामा मांगा था।

हलफनामे के साथ सीजेएम का आदेश पेश किया गया, जिसमें पैसा जमा हुआ या नहीं, स्पष्ट नहीं किया गया। कोर्ट ने याची को सीजेएम के समक्ष अर्जी देकर आदेश संशोधित कराने को कहा। इसके बाद सीजेएम ने दो लाख रुपये की फिक्स डिपॉजिट की छाया प्रति लेकर मूल याची को वापस कर दी।

इसे याची ने हाईकोर्ट में पेश किया। इस पर कोर्ट ने सीजेएम की नासमझी पर नाराजगी जताई। साथ ही आदेश का सम्मान न करने की सीजेएम से सफाई लेकर जिला जज से अपनी टिप्पणी के साथ रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
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