प्रकरण कर्नलगंज थाने का है। वादी इंद्रेश कुमार की अर्जी स्वीकार करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने संगीता वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। दर्ज की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि वादी ने 12 जनवरी 2019 को संगीता वर्मा आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर ग्राम सेमरी फूलपुर में नियुक्त है।
जिला न्यायालय ने फर्जी और कूट रचित अंकपत्र लगाकर आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति प्राप्त करने के मामले में आरोपिता संगीता वर्मा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निशा सिंह ने वादी के अधिवक्ता पूर्व डीजीसी राम अभिलाष सिंह एवं एडीजीसी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुनकर दिया है।
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प्रकरण कर्नलगंज थाने का है। वादी इंद्रेश कुमार की अर्जी स्वीकार करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने संगीता वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। दर्ज की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि वादी ने 12 जनवरी 2019 को संगीता वर्मा आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर ग्राम सेमरी फूलपुर में नियुक्त है। वादी ने संगीता वर्मा के खिलाफ बाल विकास परियोजना अधिकारी को संगीता वर्मा के फर्जी मार्कशीट लगाकर नियुक्ति पाने की शिकायत किया था।
कार्यवाही ना होने पर वादी ने जिला विद्यालय निरीक्षक से सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी थी। जिस जिस पर बताया गया कि जो मार्कशीट प्रस्तुत की गई है। वह इंटर कॉलेज बाबूगंज की छात्र पंजिका में फर्जी पाया गया है। जिसकी सूचना जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को दी गई। बाद में जिलाधिकारी के अनुमोदन पर संगीता वर्मा की मानदेय आधारित नियुक्ति रद्द कर दी गई। आरोपिता पर फर्जी व कूट रचित अंक पत्र तैयार कर मानदेय आधारित नियुक्ति प्राप्त करने का आरोप है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।