राजकीय पुस्तकालय की संगोष्ठी के समापन पर बोले डॉ. सुनील
प्रयागराज। राजाराम मोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से राजकीय सार्वजनिक पुस्तकालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन शनिवार को हुआ। ‘बदलते समाज में सार्वजनिक पुस्तकालयों की पुन:स्थिति’ विषय पर समापन समारोह के मुख्य अतिथि इलाहाबाद संग्रहालय के निदेशक डॉ. सुनील गुप्ता ने समाज उत्थान के लिए सार्वजनिक पुस्तकालयों में असीम संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में सार्वजनिक पुस्तकालय और पाठकों के बीच संचार बनाना एक चुनौती है। अध्यक्षता कर रहे उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व पुस्तकालयाध्क्ष डॉ. टीएन दुबे ने कहा कि सार्वजनिक पुस्तकालय समाज की रीढ़ हैं और सभी शोधार्थी और विद्वतजन इससे लाभांवित होते हैं। संगोष्ठी के दूसरे दिन तकनीकी सत्र में 16 शोध पत्र पढ़े गए। डॉ. पुनीत सिंह और डॉ. सत्यब्रत शुक्ल ने दो दिवसीय संगोष्ठी का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. गोपाल मोहन शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. आरपी बाजपेयी, डॉ. राजेश मिश्रा, डॉ. सत्यब्रत शुक्ला, डॉ. पुनीत कुमार सिंह, डॉ. केपी सिंह, अमिताभ सरन, डॉ. विष्णु श्रीवास्तव, मनीष यादव, डॉ. रविकांत सिंह, राम आसरे, राजेश गुप्ता, डॉ. प्रभजोत कौर, डॉ. नीजा सिंह, डॉ. बबिता गौर आदि उपस्थित रहीं।