61 एजेंसियों ने 38 हजार रुपये प्रति किलोवॉट की दर से सोलर पैनल लगाने का लिया है टेंडर
तीन किलोवॉट तक के भार पर लोगों का 40 फीसदी मिलती है छूट, लोगों ने नेडा अफसर से की शिकायत
प्रयागराज। लोगों के घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार की ओर से शुरू हुई रूफ टफ योजना के तहत तमाम एजेंसियों ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया। 38 हजार रुपये प्रति किलोवॉट की दर से रेट निर्धारित होने के बाद ये एजेंसियां लोगों के घरों में सोलर पैनल नहीं लगा रही हैं। छह महीनों में एक भी सोलर पैनल नहीं लगाया गया है। कई लोगों ने इसकी शिकायत नेडा केअफसरों से की है। लोगों कहना है कि उन्होंने अपने घरों में सोलर पैनल लगाने केलिए एजेंसियों को आवेदन कर रखा है। वे सोलर पैनल लगाने की बजाय कई तरह के बहाने कर रहीं हैं। उधर, एजेंसियों की ओर से कहा जा रहा है कि इतने कम रेट में सोलर पैनल लगाने में उन्हें कोई लाभ नहीं है। लोगों को एक किलोवॉट का सोलर पैनल लगाने में 12 हजार रुपये की छूट है। उन्हें आवेदन के समय एजेंसियों को 26 हजार रुपये अदा करना है।
उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) लोगों के घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए पिछले वर्ष अगस्त में ही टेंडर आवंटित किया गया था। एजेंसियों ने न्यूनतम बोली 38 हजार रुपये प्रति किलोवॉट लगाई थी। इसमें 61 एजेंसियां रजिस्टर्ड हुईं लेकिन किसी भी एजेंसी ने आज तक एक भी सोलर पैनल नहीं लगाया है। लोग एजेंसियों के कार्यालयों में चक्कर काट रहे हैं। शहर में दर्जनों एजेंसियां हैं, जो नेडा के पैनल में शामिल हैं लेकिन वे लोगों के आवेदन के बावजूद सोलर पैनल नहीं लगा रही हैं। एजेंसी संचालकों का तर्क है कि उन्हें वर्तमान रेट (38 हजार रुपये प्रति किलोवॉट) पर सोलर पैनल लगाने में कोई लाभ नहीं है। इसी वजह सोलर पैनल नहीं लगा रहे हैं। जबकि, नेडा अफसर आरपी सिंह का कहना है कि एजेंसियां मनमानी कर रही हैं। उन्होंने ही 38 हजार रुपये में प्रति किलोवॉट टेंडर डाला है। टेंडर मंजूर होेने के बाद लोगों के घरों में सोलर पैनल न लगाना गलत है। सोलर पैनल के लिए आवेदन करने वालों लोगों ने इसकी शिकायत की है। शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।