फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

New Yamuna Bridge: एक जून से नए नए पुल पर भारी वाहनों का नहीं होगा प्रवेश, मरम्मत के लिए डेढ़ माह तक रहेगा बंद

Fri, 26 May 2023 05:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

फ्रांसीसी कंपनी ने इसके लिए एनएचएआई से 45 दिन का समय मांगा है। इस पुल के एक तरफ का ज्वाइंट एक्सपेंशन टूटा था,लेकिन अब दोनों तरफ का एक्सपेंशन और बेयरिंग बदलने की योजना है।
विज्ञापन
Prayagraj News : नया यमुना पुल। - फोटो : प्रयागराज
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दो साल से क्षतिग्रस्त नए यमुना पुल की बेयरिंग और ज्वाइंट एक्सपेंशन को बदलने के लिए आखिरकार एनएचएआई ने कदम आगे बढ़ा दिया है। लंबे इंतजार के बाद अब एक जून से फ्रांसीसी कंपनी टूटे ज्वाइंट एक्सपेंशन को बदलने का काम शुरू करेगा। इसमें डेढ़ महीने का समय लगने की उम्मीद है।

फ्रांसीसी कंपनी ने इसके लिए एनएचएआई से 45 दिन का समय मांगा है। इस पुल के एक तरफ का ज्वाइंट एक्सपेंशन टूटा था,लेकिन अब दोनों तरफ का एक्सपेंशन और बेयरिंग बदलने की योजना है।

जर्मन तकनीक पर आधारित देश के गिनती के केबल पुलों में शुमार नैनी के नए यमुना सेतु की क्षतिग्रस्त बेयरिंग और ज्वाइंट एक्सपेंशन को बदलने के लिए फ्रांसीसी कंपनी ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस पुल के पिलर नंबर 15-ए के एक्सपेंशन ज्वाइंट की प्लेट बीते वर्ष 12 जुलाई को भारी वाहनों के दबाव की वजह टूट गई थी।

विज्ञापन


1.6 किमी लंबे इस सेतु की मरम्मत के लिए सात मीटर लंबी दाहिनी लेन में क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराई जाएगी। इसके लिए सेतु की इस लेन पर यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित करने की तैयारी है। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए सेतु पर बैरिकेडिंग करा दी गई है।

Trending Videos

नैनी से प्रयागराज आते समय आखिरी ज्वाइंट एक्सपेंशन की प्लेट जहां टूटी है, वहां के हिस्से को तोड़ने का काम शुरू हो गया है। कांक्रीट तोड़े जाने के बाद वहां प्लेट डाली जाएगी। इसके बाद बाकी हिस्से की कांक्रीट तोड़ी जाएगी। हालांकि क्षतिग्रस्त हिस्से में बैरिकेडिंग लगाए जाने से वहा रास्ता संकरा हो गया है। मरम्मत के दौरान मिर्जापुर और रीवा रोड से आने वाले वाहनों के दबाव बढ़ने से सेतु पर भीषण जाम लगने की आशंका है।

वर्ष 2004 में पुराने नैनी ब्रिज पर यातायात का दबाव कम करने के लिए इस सेतु का निर्माण कराया गया था। इस पुल का निर्माण हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी और जर्मनी की हुंडई इंजीनियरिंग ने संयुक्त रूप से किया था। अफसरों के मुताबिक फोर लेन नया यमुना सेतु आधुनिक डिजाइन के कारण हर किसी को आकर्षित करता है। इसमें कंक्रीट से बने दो पिलर हैं, जो स्टील केबलों के सहारे इस पुल की छत को सहारा देते हैं।

केबल के सहारे टिके इस पुल से मीरजापुर, मध्य प्रदेश की ओर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं।नए यमुना सेतु की मरम्मत का काम एक जून से शुरू करा दिया जाएगा। इसकी तैयारी कर ली गई है। इसमें डेढ़ महीने से अधिक समय लग सकता है। बेयरिंग बदलने और नए एक्सपेंशन ज्वाइंट लगाने के साथ ही सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत पूरी कराकर लेन खोल दी जाएगी। - पंकज मिश्र, क्षेत्रीय परियोजना निदेशक, एनएचएआई।

विज्ञापन

पुल की दो लेन पर ही होगा आवागमन

नए नैनी पुल (श्यामा प्रसाद मुखर्जी सेतु) की दो लेन को मरम्मत कार्य के कारण एक जून से बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में पुल की दो लेन को ही यातायात के लिए खाेला जाएगा। इस दौरान नए पुल पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। डेढ़ माह तक चलने वाले मरम्मत कार्य के चलते भारी वाहनों का रूट डायवर्जन किया जाएगा।

नए यमुना पुल को कुल चार लेन में बनाया गया है। जिसमें दो लेन प्रयागराज से रीवा व दो रीवा से प्रयागराज की हैं। मरम्मत कार्य के चलते दो लेन एक जून से पूरी तरह बंद रहेगी। पुल की दो अन्य लेन को सिर्फ छोटे चार पहिया व दो पहिया वाहनों के लिए ही खोला जाएगा। वहीं, हल्के वाहनों के लिए पुराना नैनी पुल भी आवागमन के लिए विकल्प के तौर पर उपलब्ध रहेगा।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रस्ताव पर जल्द ही यातायात विभाग अपना रूट डायवर्जन प्लान जारी करेगा। जिसमें भारी वाहनों का रूट निर्धारित होगा। हालांकि, मरम्मत कार्य के समय रूट डायवर्जन के चलते जाम की समस्या भी झेलनी पड़ सकती है।

नए यमुना पुल पर मरम्मत कार्य को देखते हुए जल्द ही रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया जाएगा। वैसे, भारी वाहनों को मिर्जापुर मार्ग घुमाकर बनारस के लिए रवाना किया जाएगा। - अमित कुमार, ट्रैफिक इंस्पेक्टर

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें