श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद के कथित भड़काऊ भाषण को सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने जुबैर की गिरफ्तारी पर पहले से जारी रोक को बरकरार रखा है। साथ ही देश के बाहर जान पर रोक लगाई है।
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद का विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोपी जुबैर अहमद की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी। हाईकोर्ट ने उसके देश के बाहर जानने पर रोक लगा दी है। साथ ही जुबैर के खिलाफ गाजियाबाद के कवि नगर में दर्ज मुकदमे को रद्द करने से इनकार कर दिया है।
विज्ञापन
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद के कथित भड़काऊ भाषण को सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। यति नरसिंहानंद के सचिव ने अपमानजनक भाषण को सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में एक न्यूज चैनल के संस्थापक मोहम्मद जबैर के खिलाफ गाजियाबाद के कवि नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस एफआईआर को जुबैर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है और इसको रद्द करने की गुहार लगाई है।
गाजियाबाद के कवि नगर में दर्ज है केस
जुबैर अहमद पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाना), 228 (झूठे साक्ष्य तैयार करना), 299 (धार्मिक भावनाएं भड़काने के इरादे से दुर्भावनापूर्ण कार्य) और 351 (2) (आपराधिक धमकी के लिए दंड) और 356(3) के तहत दर्ज किया गया है। यति नरसिंहानंद सरस्वती ट्रस्ट की महासचिव उदिता त्यागी ने यह एफआईआर दर्ज कराई है। जिसमें आरोप लगाया है कि तीन अक्तूबर 2024 को जुबैर ने नरसिंहानंद के एक पुराने कार्यक्रम की संपादित क्लिप अपलोड की थी।
विज्ञापन
क्लिप में कथित तौर पर पैगंबर मुहम्मद के बारे में भड़काऊ टिप्पणियां थीं, जिसके बारे में दावा किया गया है कि इसका उद्देश्य मुस्लिम समुदायों से नरसिंहानंद के खिलाफ़ हिंसक प्रतिक्रियाएं भड़काना था। तीन मार्च 2025 को सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। हाईकोर्ट ने फिलहाल जुबैर अहमद की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस डॉ योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की डबल बेंच मामले की सुनवाई कर रही है।