सरकार नहीं कर रही मुआवजे का भुगतान
सबसे अधिक अधिग्रहण राजस्व, लोक निर्माण और सिंचाई विभाग करते हैं प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण कर कब्जे में लेने या अधिग्रहण किए बगैर जमीन पर कब्जा लेने और मुआवजे का भुगतान न करने को गंभीरता से लिया है और कहा है कि जमीनों का अधिकांश अधिग्रहण राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग या सिंचाई विभाग द्वारा किया जाता है। मुआवजे के भुगतान के लिए हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल हो रही हैं। सरकार मुआवजे का भुगतान नहीं कर रही है।
कोर्ट ने तीनों विभागों के अपर मुख्य सचिवों को विचाराधीन अर्जियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है और पूछा है कि इनके निस्तारण के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती कि किसानों की जमीन ले और मुआवजे का भुगतान न करे। कोर्ट ने तीनों शीर्ष अधिकारियों को 3 दिसंबर तक स्थिति स्पष्ट करते हुए व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश राजेश बिन्दल तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने जय नारायण यादव व अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका की सुनवाई 3 दिसंबर को होगी।