फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हंडिया और प्रतापपुर में कोई किसी से कम नहीं

Fri, 24 Feb 2017 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं का रूख बदला-बदला सा नजर आया। बृहस्पतिवार को जगह-जगह वोट देकर निकले लोगों से बातचीत में यह बात उभरकर सामने आई। प्रतापपुर में सपा की विजमा यादव निवर्तमान विधायक हैं। इस बार भी वह प्रतापपुर से सपा-कांग्रेस गठबंधन की उम्मीदवार हैं। प्रतापपुर से पहले वह 2007 से 2012 तक झूंसी (अब फूलपुर क्षेत्र) की विधायक रही हैं।
विज्ञापन


मगर अबकी वह त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी हैं। मतदाताओं का रूख भांपने से यह साफ जाहिर होता है कि अबकी प्रतापपुर में विजमा को भाजपा समर्थित अपना दल प्रत्याशी कैप्टन करण सिंह पटेल और बसपा उम्मीदवार मुज्तबा सिद्दिकी से कड़ी टक्कर मिल रही है। इलाके में लोगों से बातचीत में पता चला कि मुज्तबा ने मुस्लिम वोटरों में सेंध लगाई है जबकि पिछले चुनाव में विजमा की जीत में इन्हीं वोटरों का अहम भूमिका रही है। यूं कहा जा सकता है कि इस बार प्रतापपुर में सपा के साथ ही अपना दल और बसपा के बीच कड़ा मुकाबला है।

हंडिया विधानसभा में इस बार तीन नए प्रत्याशी पहली बार चुनाव मैदान में उतरे हैं। मुकाबला भी उनके बीच ही तगड़ा है। अपना दल (सोनेलाल) से पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी की पत्नी प्रमिला त्रिपाठी उम्मीदवार हैं तो सपा से एमएलसी वासुदेव की बेटी निधि यादव प्रत्याशी हैं। बसपा के प्रत्याशी हाकिमलाल बिंद भी पहली दफा चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर राकेशधर का प्रभाव रहा है। वह कई बार हंडिया के विधायक रहे।
विज्ञापन


भाजपा और बसपा सरकार में वह मंत्री भी थे। 2007 में वह बसपा के टिकट पर विधानसभा में पहुंचे थे मगर 2012 में बसपा से निकालने पर उन्हें प्रगतिशील मानव समाज पार्टी से जुड़कर चुनाव मैदान में उतरना पड़ा, हालांकि उन्हें हार झेलनी पडी थी। इस बार उन्होंने अपनी पत्नी प्रमिला को चुनाव लड़ाया है। उनका मुकाबला बसपा और सपा प्रत्याशी से है। जानकारों का कहना है कि तीनों में ही कांटे की टक्कर है इसलिए किसी को कमजोर या भारी कहना संभव नहीं है। मतदान के दौरान भी रूख साफ नहीं हो सका है।


हंडिया विधानसभा क्षेत्र के मुंगराव मतदान केंद्र पर बृहस्पतिवार सुबह सपा प्रत्याशी निधि यादव के पिता वासुदेव यादव की गाड़ी को मजिस्ट्रेट ने रोक लिया। गाड़ी में पांच लोग थे जबकि अनुमति चार लोगों की ही थी। मजिस्ट्रेट ने वासुदेव की गाड़ी को अपने साथ ले जाने लगे। हालांकि कुछ दूर जाने पर उस गाड़ी से एक व्यक्ति को उतार दिए जाने पर मजिस्ट्रेट ने गाड़ी छोड़ दी।

हंडिया और प्रतापपुर विधानसभा इलाके में दोपहर बारह बजे तक मतदान केंद्रों में पुरुष दिख रहे थे जबकि बारह के बाद केंद्रों में महिलाओं की तादाद बढ़ने लगी। भीटी हो या कटहरा और वारी केंद्र, सभी जगह मतदान के लिए एक से चार बजे तक महिलाओं की खासी भीड़ उमड़ी। महिलाएं सौ थीं तो पुरुष 15 या 20 बस। पता चला कि पुरुषों ने सुबह से दोपहर तक वोट डाले जबकि महिलाएं घर में काम में लगी थी। भोजन बनाने, सबको खिलाने तथा चौका-बर्तन के बाद वे आसपास की महिलओं के साथ वोट डालने निकलीं। महिलाओं में वोट डालने के लिए खासा उत्साह भी दिखा। इसी बहाने घर से निकलने का मौका मिला।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें