अफसरों के अनुसार कांवड़ पथ के लिए अलग से कोई जमीन नहीं ली जाएगी। सड़क के किनारे बने सर्विस लेन एवं फुटपाथ को ही कांवर पथ में तब्दील किया जाएगा। चूंकि हंडिया से झूंसी के बीच फोर लेन सड़क बन रही है। इसमें सर्विस लेन का भी प्रावधान किया गया है। रास्ते में आने वाले हनुमानगंज, सैदाबाद आदि बाजार में फुटपाथ का इस्तेमाल कांवड़ पथ के लिए किया जाएगा।
अफसरों का कहना है कि झूंसी से हंडिया के बीच फोर लेन बनने के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए शासन के आदेश का इंतजार करना होगा। वहीं डीएम संजय कुमार खत्री का कहना है कि प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अगले वर्ष सावन से पहले कांवड़ पथ का निर्माण कराने का लक्ष्य है।
किस मद में मिलेगा बजट तय नहीं
लोक निर्माण विभाग की ओर से कांवड़ पथ का प्रस्ताव तो तैयार कर लिया गया है लेकिन बजट को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसे महाकुंभ के कार्य में शामिल नहीं किया गया है। एक अफसर ने बताया कि माघ मेला या इसके लिए अगल से बजट स्वीकृत कराने की योजना है।
प्रयागराज से काशी के बीच कांवड़ पथ हर हाल में बनेगा। प्रस्ताव मिल चुका है। जल्द ही इसका निर्माण शुरू होगा। बजट की कोई समस्या नहीं होगी। - केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री