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Allahabad High Court : ज्ञानवापी परिसर में साइंटिफिक सर्वे मुद्दे पर जवाब दें यूपी सरकार और एएसआई

Fri, 04 Nov 2022 10:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने याची लक्ष्मी देवी तथा अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याची पक्ष की ओर से अधिवक्ता हरिशंकर जैन और अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बहस की।
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हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में साइंटिफिक सर्वे कराए जाने की मांग वाली पुनर्निरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया (एएसआई) तथा यूपी सरकार सहित सभी प्रतिवादियों से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने प्रतिवादियों को दो हफ्ते का समय देते हुए मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका पर 21 नवंबर को सुनवाई होगी।

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यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने याची लक्ष्मी देवी तथा अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याची पक्ष की ओर से अधिवक्ता हरिशंकर जैन और अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बहस की। उनका तर्क था कि साइंटिफिक सर्वे होने से ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग सहित अन्य धार्मिक वस्तुओं के मामले में सही जानकारी मिल सकेगी। यह भी पता चल सकेगा कि वहां मिले शिवलिंग सहित अन्य मूर्तियां व धार्मिक वस्तुएं कितनी पुरानी हैं। कोर्ट ने याची पक्ष के तर्कों को स्वीकार करते हुए मामले में सभी छह प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर 2 हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा।

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मामले में याची पक्ष ने जिला न्यायालय में साइंटिफिक सर्वे की मांग को अस्वीकार करने के बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में जिला न्यायालय के फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें जिला न्यायालय ने याचीगणों की अर्जी को सुनवाई करने के बाद इस आधार पर 14 अक्तूबर को खारिज कर दिया था कि साइंटिफिक सर्वे कराए जाने से मिलीं वस्तुएं नष्ट हो सकती हैं। उनकी ऐतिहासिकता को नुकसान हो सकता है। मामले में मंदिर पक्ष ने जिला न्यायालय के इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देकर साइंटिफिक सर्वे कराए जाने की मांग की है।


शृंगार गौरी पूजा मामले में सुनवाई टली
अधिवक्ताओं के अनुरोध पर ज्ञानवापी परिसर में स्थित शृंगार गौरी की पूजा के मामले की सुनवाई टाल दी गई है। अगली सुनवाई 22 नवंबर को होगी। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति जेजे मुनीर कर रहे हैं।
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